Corona Third wave in Uttarakhand
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जो खबरे उत्तराखंड से आ रही हैं वो बिलकुल भी सही नहीं की जा सकती आज उत्तराखंड के ग्रामीण क्षेत्र पूरी तरह कोरोना की चपेट में है व सरकारी अकर्मण्यता के कारण स्थिति भयावह हैं| जगह जगह से समाचार आ रहे हैं जन्हा लोग PPE किट में लोगो का शवदाह करते नज़र आ रहे हैं और उसमे दिख रहा हैं की दसियों लोगो का अंतिम संस्कार हो चुका हैं व कई चिताए बनायी गयी हैं ताकि और लोगो का भी दाह संस्कार हो सके|

आप सभी जानते हैं की उत्तराखंड की स्वास्थ सेवाओ का क्या हाल हैं जब शहरो में सुविधाओं का अकाल हैं तो पहाड़ में स्वास्थ सेवाए पूर्व में ही नगण्य थी तो आप समझ सकते है की लोगो की जिन्दगिया राम भरोसे ही हैं|

उत्तराखंड में पहले ही लोगो की जान कोरोना व ब्लैक फुन्गस के कारण खतरे में थी वही बच्चो पर कोरोना के कहर ने तीसरी लहर को पुष्टि कर दी हैं| सूत्रों के अनुसार उत्तराखंड में अबतक 1000 से ज्यादा बच्चो में कोरोना के लक्षण पाए गए हैं व उन्हें इलाज के लिए जिले के विभिन्न अस्पतालों में रखा गया हैं|

पूरे देश में भले ही कोरोना वायरस घट रहे हैं। लोग राहत की सांस ले रहे हैं लेकिन उत्तराखंड के लोगों के लिए अभी भी खतरा मंडरा रहा है। यहां कोरोना के आंकड़े डराने वाले हैं। पिछले दस दिनों में 9 साल से कम उम्र के लगभग 1,000 बच्चे कोरोना वायरस पॉजिटिव पाए गए हैं। बच्चों को इलाज के लिए विभिन्न अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। वहीं गांवों में वायरस तेजी से फैल रहा है और मौतें भी हो रही हैं। नैनीताल के एक गांव में तो बीते दो हफ्तों में 30 लोगों की मौत हो गई।

उत्तराखंड में प्रति एक लाख लोगों पर 771 ऐक्टिव केस हैं जो यूपी में प्रति एक लाख लोगों की तुलना में सात गुना ज्यादा हैं। उत्तराखंड में 79,379 कोरोना वायरस के ऐक्टिव मामले हैं और 4,426 लोगों की मौत हो चुकी है।

राजस्व, स्वास्थ्य और पुलिस की टीमें जांच के लिए जुटीं
उधर रुड़की के एक गांव में दो हफ्ते के अंदर कम से कम 30 लोगों की मौत हो गई है। एक गांव में अकेले इतनी मौतें होने से शासम-प्रशासन में हड़कंप मच गया है। हालांकि प्रशासन ने लिबरहेरी गांव में मौतों की सही संख्या नहीं बताई, लेकिन कहा कि कई लोग मारे गए हैं। एक सरकारी अधिकारी ने कहा कि मौतों का सही कारण जानने के लिए राजस्व, स्वास्थ्य और पुलिस विभाग की टीमों को लगाया गया है।

प्रशासन अनजान
रुड़की के संयुक्त मजिस्ट्रेट नमामि बंसल ने कहा कि हमारे पास ऐसा कोई डेटा नहीं है जो कोविड -19 को कारण बताता हो। मौतें वायरस या किसी अन्य बुखार या बीमारियों के कारण भी हो सकती हैं।

कई जगह संक्रमण दर 70% तक
कोरोना संक्रमण पहाड़ के गांवों तक पहुंचने से पूरे राज्य में चिंताएं बढ़ गई हैं। संक्रमण की ज्यादा मार पहाड़ में पौड़ी जिले को दिख रही है। नैनीताल जिले के ओखलकांडा ब्लॉक के कूकना और घैना ग्राम सभाओं में 14 लोगों में कोरोना संक्रमण मिला है। कुल 20 लोगों की जांच हुई थी। गांव में शादी-विवाह आदि में लोगों की संख्या पर कोई पाबंदी नहीं है।

हर घर में तीन लोग बीमार
दो ग्राम सभा में करीब चार सौ परिवार रहते हैं, जिनमें से हर घर में दो तीन व्यक्ति बुखार से पीड़ित है। पौड़ी जिले में एकेश्वर ब्लॉक के ईडा गांव 10 लोगों की एक साथ कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। सभी लोग कोरोना संदिग्ध मरीज के अंतिम संस्कार में गए थे।

ग्रामीण इलाकों का हाल बहुत बुरा
सीएमओ से मिली जानकारी के मुताबिक 10 मई को एकेश्वर ब्लॉक के ईडा गांव में 10 लोग की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई। शनिवार तक अल्मोड़ा में 2428, बागेश्वर में 1145, चमोली में 2452, चंपावत में 1400, नैनीताल में 7264, पौड़ी गढ़वाल में 6090, पिथौरागढ़ 1874, रुद्रप्रयाग में 2221, टिहरी में 5719 व उत्तरकाशी में 2288 कोरोना संक्रमण के एक्टिव केस मिल चुके हैं। इनकी संख्या लगातार बढ़ रही है।

उत्तराखंड में कोरोना के आये तक आये केस
उत्तराखंड में रविवार को कोविड-19 के 4496 नए मामले आए जबकि गत 24 घंटे में 188 संक्रमितों मौत हुई। नए मामलों को मिलाकर अब तक प्रदेश में कोरोना वायरस से संक्रमित हुए लोगों की कुल संख्या 2,87,286 हो चुकी है। सर्वाधिक 1248 नए मामले देहरादून जिले में आए जबकि हरिद्वार में 572, टिहरी में 498, उधमसिंह नगर में 393, पौडी में 391, रूद्रप्रयाग में 356 और उत्तरकाशी में 351 और लोगों के संक्रमित होने की पुष्टि हुई। प्रदेश में अब तक कुल 4811 कोरोना वायरस संक्रमित अपनी जान गंवा चुके हैं। 78,802 मरीजों का इलाज अब भी चल रहा है जबकि 1,98,530 मरीज अब तक स्वस्थ हो चुके हैं।

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