स्वास्थ्य मंत्रालय ने मंगलवार को कहा कि वर्तमान में प्लाज्मा थेरपी अपने प्रायोगिक स्तर पर है और अभी तक इस बात का कोई प्रमाण नहीं है कि इसका इस्तेमाल COVID-19 यानी कोरोना के उपचार के रूप में किया जा सकता है। स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने कहा कि वर्तमान में कोविड -19 के लिए कोई उपचार नहीं