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Rekha and Dhami

उत्तराखंड में धामी नहीं रेखा सरकार

अल्मोड़ा के नौटियाल प्रकरण ने दर्शा दिया की मुख्यमंत्री कोई भी रहे चलेगी रेखा आर्या की ही| यह नौटियाल वो ही हैं जिन्होंने कभी धन सिंह रावत के साथ पढ़ाई की हैं व विदित है की नोटियाल पूर्व में ही सरकार की नौटंकी के कारण अपना इस्तीफा भी दे चुके थी लेकिन सरकार ने उसे स्वीकार नहीं किया क्योकि उनके इस्तीफे में सरकार की कमियों की और दर्शाया गया था की केवल बिल्डिंग से राज्य की स्वास्थ सेवाओ में परिवर्तन नहीं आ सकता व उसके लिए व्यवस्थाय व मानवीय संसाधन भी चाहिए|

रेखा ने डॉक्टर नौटियाल को अपनी नाक की लड़ाई बनाकर एक काबिल व नीतिपरक अधिकारी की बलि चढ़ा दी| डॉक्टर नौटियाल के बारे में कहा जाता हैं की वह वो चमत्कारिक अधिकारी हैं जो विभागों को अपनी योग्यता के बल पर फर्श से अर्श पर ला सकते हैं|

रेखा आर्या ने अपनी नाक व हनक के कारण नियमो की भी परवाह नहीं करी जबकि नियम हैं की अधिकारी कंही भी हो विधायको का फ़ोन जरूर उठायंगे और नौटियाल ने तो विधानसभा उपाध्यक्ष व क्षेत्रीय विधायक रघुनाथ चौहान का फ़ोन उठाकर इतना ही कहा था की मैं मंत्री रेखा आर्या की मीटिंग में हूँ व आपसे बाद में बात करता हूँ|

हमें नहीं लगता की डॉक्टर नौटियाल ने किसी भी नियम का उलंघन नहीं किया था लेकिन अधिकारी का मंत्री को नियमो की याद दिलाना नागवार गुजरा और भरी सभा में ही उनपर बरस पड़ी तो नौटियाल ने भी उन्हें जवाब दे दिया की अगर आप नियमो की ही बात करती हैं तो नियम हैं की जिले की समीक्षा बैठक में सरकारी अधिकारीयो के अलावा कोई और नहीं भाग ले सकता हैं तो भाजपा के अधिकारी यंहा क्या कर रहे हैं?

सबसे आश्चर्य की बात तो यह है की सरकारी तंत्र की रीढ़ इतनी कमजोर हो चुकी हैं की सत्ता तंत्र के आगे वो लोग नियमो की बात नहीं कर सकते हालत तो यंहा तक थे की जिलाधिकारी खुद भाजपा अध्यक्ष को सम्मानित कर रहे थे जबकि वो किसी भी संवेधानिक पद पर नहीं थे व उस बैठक में अवांछनीय व्यक्ति थे|

हमें रेखा आर्या के कृत्य पर कोई भी आश्चर्य नहीं हैं क्योकि यह तो उनकी दिनचर्या में शामिल ही रहा हैं हमें तो आश्चर्य धन सिंह रावत पर हैं जो खांटे संघी होने के बावजूद भी रेखा आर्या की मनमानी व अनेतिक मांग के आगे झुक गए व एक कर्मठ अधिकारी की बलि चढ़ा दी गयी जो तो ना भाजपा के लिए ना ही अल्मोड़ा जिले के लिए अच्छा होगा व सबसे आश्चर्य की बात हैं की रघुनाथ चौहान भी इस प्रकरण पर चुप्पी साध गए जबकि उन्हें इसके लिए आगे आना चाहये था|

नौटियाल प्रकरण रघुनाथ चौहान व भाजपा के लिए अल्मोड़ा में गले की हड्डी बनने वाला हैं क्योकि जिस हिसाब से त्रिवेन्द्र सिंह रावत न उत्तराखंड में जड़ो की जड़ो में मट्ठा डाला है उसी प्रकार रेखा नौटियाल प्रकरण ने भाजपा व रघुनाथ चौहान को जड़ निर्मूल कर दिया हैं इस प्रकार से  भाजपा ने कांग्रेस व आप के लिए जीत की जमीन तैयार कर दी हैं|

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